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कांग्रेस ही सातो बाबू के जीवन की मंत्र कथा था: डॉ0 विवेकानंद मिश्रा

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गया जी( ब्यूरो कार्यालय)/- जिला कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेता सत्यनारायण सिंह उर्फ सातों बाबू के असामयिक निधन पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ विवेकानंद मिश्र ने गहरी संवेदना प्रकट की है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस के नाते 1979से ही सातो बाबू से मेरा व्यक्तिगत पारिवारिक संबंध रहा है। वह तब से जीवन के अंतिम सांस तक वे कांग्रेस के एक समर्पित निष्ठावान कांग्रेसी रहे। सच कहूं तो, कांग्रेस हीं सातों बाबू के जीवन की मंत्र कथा था। हर सामाजिक कार्यो में बढ़- चढ़कर अग्रणी भूमिका निभाया करते करते थे। यही करण था की वाह सभी के अपने थे। डॉ मिश्रा ने कहा की उनके निधन से कांग्रेस को अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने कहा उल्लेखनीय है वह केंद्र एवं राज्य सरकार के साथ चुनौती पूर्ण संघर्ष कर अथक परिश्रम लगन से ऐतिहासिक कुर्किहारगढ़ जिसमें भगवान बुद्ध की दुर्लभ मूर्तियों को सुरक्षित संरक्षित रखने में, गढ़ को बचाने में सातो बाबू के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। इतिहास के पन्नों में उनका नाम अमर रहेगा। डॉक्टर विवेकानंद मिश्र के आवास डॉक्टर विवेकानंद पथ पर एक शोक सभा में उनसे जुड़े लोगों ने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए प्रभु से प्रार्थना की है कि उनकी दिवंगत आत्मा को चिर शांति प्रदान करें, तथा इस दुखद घड़ी में उनके समस्त परिवार के साथ-साथ बड़ी संख्या में उनके रहे शुभचिंतकों को धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करें।

जिन लोगों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए उनमें प्रमुख रूप से डॉक्टर दिनेश सिंह, गजाधर लाल पाठक, डॉ रविंद्र कुमार, डॉक्टर ध्रुव सिंह, साधु शरण सिंह, डॉक्टर ज्ञानेश भारद्वाज, मुरलीधर शर्मा, रंजीत पाठक, पवन मिश्रा, दीपक पाठक, विनोद कुमार उपाध्याय, मनीष कुमार, प्रोफेसर अशोक कुमार,किरण पाठक, मो. याहिया, मो. आरिफ, रंजना पांडेय, अमरनाथ पांडेय, रंजीत राज, आनंद कुमार सिंह, स्वाति कुमारी, आदि थे।

रिपोर्ट:- प्रियांशु मिश्रा

V9 News
Author: V9 News

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