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आयुर्वेद जगत के एक दैदिप्यमान नक्षत्र थे डॉक्टर नरेंद्र: डॉ0 विवेकानंद मिश्र

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गया जी/ ग्राम नैली निवासी 64 वर्षीय डॉ नरेंद्र कुमार मिश्र के अचानक निधन पर आयुर्वेद रक्षा एवं विकास संस्थान तथा भारतीय राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा द्वारा एक शोक सभा का आयोजन डॉक्टर विवेकानंद पथ गोल बगीचा में किया गया। आयुर्वेद रक्षा एवं विकास संस्थान तथा भारतीय राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर विवेकानंद मिश्र ने अपनी व्यक्तिगत क्षति बताते हुए उद्गार में कहां कि नरेंद्र कुमार मिश्रा एक निश्चल स्वभाव के अत्यंत ही मृदुभाषी आयुर्वेद के ख्याति प्राप्त सफल चिकित्सक थे। जिन्होंने अपनी संपूर्ण जीवन को मुसीबतयदा लोगों के हित और कल्याण में समर्पित कर दिया था। आयुर्वेद जगत के एक दैदिप्यमान नक्षत्र थे।

हम सबों के बीच से अचानक सदा सर्वदा के लिए चले जाना अविस्मरणीय सा लगता है। उनके जाने से जो रिक्तता पैदा हुई है दूर-दूर तक कहीं भी इसकी भरपाई नजर नहीं आती। यह खासकर आयुर्वेद जगत के लिए समाज के दु:ख दर्द गरीबों के लिए अत्यंत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। आज जिन प्रमुख लोगों ने हार्दिक श्रद्धा सुमन अर्पित किए उनमें आचार्य राधा मोहन मिश्र माधव आचार्य अजय मिश्रा आचार्य बालमुकुंद मिश्रा आचार्य अरुण मिश्रा डॉ ज्ञानेश भारद्वाज मनीष कुमार अधिवक्ता दीपक पाठक रंजीत पाठक मधु माधव आचार्य सच्चिदानंद मिश्र नईकी शिवचरण बाबू डालमिया डॉक्टर दिनेश कुमार सिंह डॉक्टर रविंद्र कुमार डॉक्टर परमेश्वर प्रसाद मिश्र डॉक्टर मृदुला मिश्रा प्रोफेसर संगीता प्रोफ़ेसर गीता पवन मिश्रा अमरनाथ पांडेय रंजीत पाठक पवन मिश्रा शंभू गिरी अधिवक्ता मोहम्मद याहिया चांदनी तस्लीम बबलू इशरत सुनीता देवी बृजभूषण मिश्र अजय मिश्रा सुनील कुमार डॉक्टर गीता विश्वकर्मा डॉक्टर सुरेंद्र कुमार डॉक्टर अकेला थे।

रिपोर्ट: प्रियांशु मिश्रा

V9 News
Author: V9 News

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