गया (ब्यूरो कार्यालय)/- डॉ० विवेकानंद मिश्र के दिए गए बयानों के समर्थन में भारतीय राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा एवं कौटिल्य मंच के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
आचार्य सचिदानंद मिश्र (नैकी) का विचार व्यक्त करते हुए कहा कि गयाक्षेत्र व आसपास में अपने ज्ञान, सादगी और आयुर्वैदिक दक्षता के कारण आदर-सम्मान पाने वाले आचार्य सचिदानंद मिश्र ने कांग्रेस की वर्तमान दशा पर गंभीर पीड़ा प्रकट की। उन्होंने कहा कि जब किसी संगठन में निष्ठा के स्थान पर चापलूसी, और सिद्धांतों के स्थान पर अवसरवाद का बोलबाला हो जाए, तब वह संगठन धीरे-धीरे क्षीण होता ही है।
आचार्य ने यह भी कहा कि संगठन को पुनः स्थापित करने का एकमात्र मार्ग सत्य, त्याग और तप ही है। जब तक नेतृत्व सत्य के आधार पर दृढ़ नहीं होगा, तब तक संगठन पुनः उत्थान नहीं देख पाएगा।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि क्षेत्र के कार्यकर्ताओं ने जो त्याग किया है, उसे स्वीकारना और सम्मान देना ही कांग्रेस के पुनर्स्थापन का प्रथम पग है।
रिपोर्ट:-प्रियाशु मिश्रा







