राॅंची(कार्यालय संवाददाता)/- मगध के राजनीतिक भीष्म पितामह के रुप मे ख्यात पं अनंतदेव मिश्र के आप्त सचिव के रुप निशिकांत मिश्र ने अपनी सामाजिक जिंदगी की शुरुआत की । साहस समक्ष नेतृत्व शक्ति और कुशलता भरा अपनत्व के उनके गुण ने प्रायः गया जिले समस्त लोगों को ह्रदय मे सम्मानित स्थान दिला दिया। हर मुसीबत जदा लोगों के सुख दुख मे उनकी सक्रिय भागीदारी को कोई नजरंदाज कर सके यह संभव ही नही था। निशिकांत धन पर्याप्ता की प्रख्याति से नही बल्कि अपने कर्म ज्ञान और अपनत्व के संगम के लिए सुख्यात थे। उनका अचानक इस धरा को त्याना सच मे न सिर्फ उनके परिजनों को दुखी किया वरण सर्वसमाज का एक बड़ा भाग आहत हुआ ।
गया नगर विधानसभा के प्रत्याशी के रुप मे तत्कालीन मुख्य मंत्री भागवत झा आजाद एवं बिंदेश्वरी दुबे,जगन्नाथ मिश्र के सघन दवाब के आगे भी न झुककर अपने संकल्प के प्रति जो निष्ठा का प्रर्दशन किया था उसे भुलाये भी भुलना संभव नही। भगवान विष्णु की घरा पर आधुनिक काल मे प्रथम सहस्त्रचंडी यज्ञ करवाने वाले पं निशिकांत का शारीरिक उपस्थिति भले न हो पर उनकी यादें सदैव मगध वासियों से जुडी रहेगी क्योंकि उनकी उपस्थिति मात्र ही बडे से बड़े गम को हल्का कर जाया करती थी।
रांची के कांके रोड मे पंडित निशिकांत जी के निधन पर आयोजित शोक सभा मे झारखंड मानवाधिकार संगठन के प्रदेश महासचिव अपराजिता मिश्र ने भी उन्हे समाज का एक सक्रिय योद्धा बता उनकी विदाई पर दुख जताया। प्रसिद्ध आयुर्वेद चिकित्सक डा.संपूर्णानंद मिश्रा ने कहा कि निशिकांत जी का जाना पूरे समाज के लिए एक गहरी क्षति है। अधिवक्ता आमिर अंसारी ने कहा कि कॉलेज के अंतिम दिनों मे उनसे मुलाकात का एक मौका मिला था। उनसे मिलकर एक जिंदादिल सुह्रदय व्यक्ति से मिलने की खुशी हुई थी जिनकी आज की नफरती वक्त मे नगण्य संख्या है। उनके जाने का बहुत गम है। इस सभा मे सर्व श्री संदीप कुमार डा.अश्विनी कुमार,सरिता देवी,आरुष अनंत,संजीत चौरसिया,अजय कुमार,किरनेश मिश्र,विभुदत्त मिश्रा सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
रिपोर्ट:- कुमार हर्ष







